10 अक्टूबर 2026, शनिवार
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मुख्यमंत्री ने मंत्रिपरिषद की बैठक के उपरान्त मीडिया को सम्बोधित किया

✍ Mamta Singh 📅 10 अक्टूबर 2026 👁 6 बार पढ़ा गया
मुख्यमंत्री ने मंत्रिपरिषद की बैठक के उपरान्त मीडिया को सम्बोधित किया

मुख्यमंत्री आज यहां लोक भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक के उपरान्त मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मंत्रिपरिषद विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश/2047 के संकल्प को साकार करने के लिए पूर्ण निष्ठा, ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ निरन्तर कार्य करने का संकल्प दोहराती है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण की यात्रा निरन्तर आगे बढ़ती रहेगी और उत्तर प्रदेश इसमें अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद ने उनके दूरदर्शी नेतृत्व, राष्ट्र के प्रति समर्पण तथा उत्तर प्रदेश के विकास में निरन्तर योगदान के लिए अभिनन्दन प्रस्ताव पारित किया है। उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद ने नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर का नाम ‘नरेन्द्र मोदी इण्टरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर’ रखने का प्रस्ताव पारित किया है। यह एयरपोर्ट प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण विमानन परियोजनाओं में से एक है और भविष्य में देश के प्रमुख एविएशन हब के रूप में विकसित होने की क्षमता रखता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 07 अक्टूबर का दिन देश के इतिहास में गौरवशाली अध्याय के रूप में दर्ज हुआ है। सरकार के प्रमुख के रूप में प्रधानमंत्री जी की अनवरत समर्पित सेवा यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होना देश के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। यह अवसर उनके दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी है। प्रधानमंत्री जी ने ‘सेवा ही समर्पण’ और ‘राष्ट्र प्रथम’ को अपना मूल मंत्र मानते हुए सार्वजनिक जीवन में कर्तव्यनिष्ठा, सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण को सर्वोच्च ध्येय बनाया है। उनकी 25 वर्षों की यात्रा जनसेवा से जनकल्याण और जनभागीदारी से जनविश्वास की अनूठी मिसाल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिए यह विशेष गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री जी प्रदेश की पावन धरा से जनप्रतिनिधि और सांसद के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे हैं। वर्ष 2014 में काशी से जनता का आशीर्वाद लेते हुए प्रधानमंत्री  जी ने कहा था कि उन्हें मां गंगा ने बुलाया है। काशी और मां गंगा से आरम्भ हुआ यह आत्मीय सम्बन्ध समय के साथ और गहरा हुआ है तथा प्रदेश के सर्वांगीण कायाकल्प का आधार बना है। केन्द्र और राज्य के साझा संकल्प तथा टीम इण्डिया की भावना के अनुरूप डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय से प्रदेश अभूतपूर्व प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
प्रधानमंत्री के लम्बे प्रशासनिक अनुभव, दूरदर्शिता और मार्गदर्शन से प्रेरणा लेकर उत्तर प्रदेश ने शासन की नई कार्य संस्कृति अपनाई है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश प्रशासनिक अस्थिरता, असुरक्षा की भावना और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा था। आज पारदर्शी एवं तकनीक आधारित सुशासन, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश के अनुकूल वातावरण प्रदेश की नई पहचान बन चुके हैं। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में प्रदेश विरासत और विकास के समन्वय के साथ चतुर्मुखी प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा   प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के नए मॉडल के रूप में उभरा है। प्रदेश में लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2,483 किलोमीटर लम्बे 42 राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हुआ है। दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं से आवागमन को गति मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट व्यवस्था के अन्तर्गत 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत-आर0आर0टी0एस0 परियोजना देश में उच्च गति सार्वजनिक परिवहन की मिसाल बनी है। लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो रेल नेटवर्क का विस्तार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉजिस्टिक्स और आत्मनिर्भर भारत के प्रमुख केन्द्र के रूप में भी उत्तर प्रदेश की पहचान स्थापित हुई है। दादरी में ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का प्रमुख जंक्शन विकसित हुआ है, जबकि इन कॉरिडोरों का 1,050 किलोमीटर से अधिक हिस्सा प्रदेश से गुजरता है। वाराणसी में राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर देश का पहला मल्टीमॉडल इनलैण्ड पोर्ट टर्मिनल तथा 100 एकड़ में फैला फ्रेट विलेज विकसित हुआ है। लखनऊ की ब्रह्मोस मिसाइल असेम्बली यूनिट, उत्तर प्रदेश डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर और 1,000 एकड़ में विकसित हो रहा पी0एम0 मित्र टेक्सटाइल पार्क औद्योगिक विकास को नई दिशा दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र धरातल पर साकार हुआ है। गरीब, वंचित, पिछड़े, युवा, महिला और किसान सहित समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए व्यापक प्रयास किए गए हैं। महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी को बल मिला है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया तथा आर्थिक रूप से कमजोर ई0डब्ल्यू0एस0 को 10 प्रतिशत आरक्षण का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े लोगों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की गई हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश के तीन करोड़ से अधिक किसानों के खातों में अब तक 01 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तान्तरित की जा चुकी है। प्रदेश में 86 लाख लघु एवं सीमान्त किसानों की कर्जमाफी की गई। 05 करोड़ 50 लाख किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 13 लाख 42 हजार 977 करोड़ रुपये का फसल ऋण वितरित किया गया। 79 लाख 51 हजार किसानों को फसल क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया है। गन्ना किसानों को 03 लाख 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड भुगतान सुनिश्चित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब कल्याण की प्रतिबद्धता के तहत 65 लाख से अधिक गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत आवास उपलब्ध कराए गए हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से 03 करोड़ 67 लाख राशन कार्डधारक परिवारों के लगभग 15 करोड़ नागरिकों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत 02 करोड़ 46 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल के कनेक्शन दिए गए हैं। इससे बुन्देलखण्ड और विन्ध्य क्षेत्र में भी घर-घर तक पेयजल की पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। जनधन खातों और बैंक मित्र नेटवर्क के विस्तार से वित्तीय समावेशन को भी मजबूती मिली है।
स्वस्थ उत्तर प्रदेश के संकल्प के साथ प्रत्येक नागरिक को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत 06 करोड़ 08 हजार आयुष्मान कार्ड जारी कर 09 करोड़ 90 लाख नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिला है। 01 करोड़ 09 लाख 52 हजार गम्भीर रोगियों को 18,798 करोड़ रुपये का निःशुल्क उपचार प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों के माध्यम से 14.67 करोड़ नागरिकों को उपचार मिला है। गोरखपुर और रायबरेली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का संचालन स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत प्रदेश में 03 करोड़ 37 लाख से अधिक शौचालयों और 59,183 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 01 करोड़ 86 लाख मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। इस योजना के अन्तर्गत राज्य सरकार की ओर से होली और दीपावली पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने की व्यवस्था की गई है। नमामि गंगे अभियान के माध्यम से मां गंगा की निर्मलता और अविरलता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्य किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला नेतृत्व वाले विकास के संकल्प के तहत लखपति दीदी योजना के माध्यम से 10 लाख स्वयं सहायता समूहों की एक करोड़ से अधिक महिलाओं को जोड़ने में सफलता मिली है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से 15 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के अन्तर्गत 91 हजार से अधिक गांवों के 01 करोड़ 10 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को घरौनी के रूप में सम्पत्ति प्रमाणपत्र दिए गए हैं।
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लोकल से ग्लोबल’ और ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ की अवधारणा ने उत्तर प्रदेश के स्थानीय हुनर, पारम्परिक शिल्प और स्वदेशी सामर्थ्य को वैश्विक पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री जी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को काशी की गुलाबी मीनाकारी, जापान के प्रधानमंत्री को निजामाबाद की ब्लैक पॉटरी, फ्रांस के राष्ट्रपति को कन्नौज के इत्र और लखनऊ की जरी-जरदोजी जैसे उत्पाद भेंट कर प्रदेश के हस्तशिल्पियों और कारीगरों का सम्मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश खाद्यान्न, दुग्ध, गन्ना, आम, आंवला और मिलेट उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। युवाओं को सशक्त बनाने के लिए स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तीकरण योजना के अन्तर्गत 62 लाख से अधिक युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदेश में सरकारी सेवाओं में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है, जबकि निजी क्षेत्र में 65 लाख नियुक्तियां की गयी हैं। रोजगार मेलों, आई0टी0आई0 और कौशल विकास मिशन के माध्यम से 31 लाख 11 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरठ में मेजर ध्यानचन्द खेल विश्वविद्यालय, वाराणसी में आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी परियोजनाओं से प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को नया मंच मिल रहा है। प्रधानमंत्री का आस्था, अध्यात्म और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के क्षेत्र में योगदान सदियों तक स्मरणीय रहेगा। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा से लगभग 500 वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त हुई। मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा का आरोहण पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। श्री काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का भव्य विकास, मन्दिर परिसर का विस्तार और गंगा तट से मन्दिर तक दिव्य पथ का निर्माण प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। लगभग 100 वर्ष पूर्व विदेश ले जाई गई मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा को वापस लाकर श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर में पुनः स्थापित किया गया।
भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों की 127 वर्षों बाद भारत वापसी , सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रयागराज महाकुम्भ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हुआ, जिसे यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में स्थान मिला। काशी तमिल संगमम, अभिधम्म दिवस, बौद्ध सर्किट का विकास, संत गुरु रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धन में विकास परियोजना, संग्रहालय, प्रतिमा, गोरखपुर में चौरी-चौरा शताब्दी समारोह तथा लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में राष्ट्र प्रेरणा स्थल की स्थापना ने प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को और व्यापक बनाया है। सारनाथ के प्राचीन बौद्ध स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में सम्मिलित किया गया है। वाराणसी के संगीत तथा लखनऊ के अवधी व्यंजनों को विश्वस्तर पर ख्याति प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के महान सपूत महामना पं0 मदन मोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना भी प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। वाराणसी को संगीत के क्षेत्र में यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क में स्थान मिलने और लखनऊ को पाक-कला के क्षेत्र में अन्तरराष्ट्रीय पहचान मिलने से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच मिला है।

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