मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी नौकरियों के महाअभियान के तहत कुल 470 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को यूपी पुलिस में सीधी नियुक्ति दी गई है। इनमें से 15 विशेष पदक विजेता खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री ने खुद मंच पर बुलाकर नियुक्ति पत्र प्रदान किए, जिसमें मेरठ के होनहार निशानेबाज शार्दूल विहान भी शामिल थे। इन 470 चयनित खिलाड़ियों में 43 को उपनिरीक्षक (दरोगा), 295 को नागरिक पुलिस में आरक्षी (सिपाही) और 132 खिलाड़ियों को पीएसी (PAC) में आरक्षी का पद दिया गया है। नियुक्ति के बाद शार्दूल विहान को मुरादाबाद में तैनात किए जाने की जानकारी उनके परिवार द्वारा दी गई है।
सेना के बाद अब खाकी वर्दी में सेवा
शार्दूल विहान के पिता दीपक विहान के अनुसार, शार्दूल की असाधारण खेल प्रतिभा को देखते हुए पिछले वर्ष (2025) भारतीय सेना में नॉन-कमीशंड ऑफिसर (NCO) के पद पर उनकी नियुक्ति हुई थी। सेना के इस सम्मानजनक अवसर के बाद, अब उत्तर प्रदेश सरकार ने खेल नीति के तहत उन्हें सीधे राज्य पुलिस में दरोगा के पद पर नियुक्त किया है। उनके पिता ने बताया कि जिस अनुशासन और लगन के साथ शार्दूल ने खेल के मैदान में देश का प्रतिनिधित्व किया, उसी भावना से वे पुलिस सेवा में भी अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
महज 15 साल की उम्र में रचा था इतिहास
11 जनवरी 2003 को जन्मे और मेरठ के रहने वाले शार्दूल विहान ने बचपन से ही निशानेबाजी की दुनिया में अपनी धाक जमा ली थी I वर्ष 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों (Asian Games) में उन्होंने पुरुष डबल ट्रैप स्पर्धा में महज 15 साल की उम्र में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा था। वह तब एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय निशानेबाजों में से एक बने थे। [ उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं (जैसे जूनियर नेशनल में 4 स्वर्ण) के अलावा वर्ल्ड शॉटगन चैंपियनशिप के जूनियर टीम इवेंट्स में भी देश को कई पदक दिलाए हैं।
नौकरी के साथ जारी रहेगा खेल का सफर
नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने नवनियुक्त खिलाड़ियों से कहा, "जर्सी में जो कार्य आप देश-प्रदेश के लिए करते थे, सरकार वही अपेक्षा आपसे वर्दी में भी करती है"। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड इन सभी खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं और ट्रेनिंग प्रदान करता रहेगा। इसका उद्देश्य यह है कि खिलाड़ी पुलिस सेवा की कागजी व सुरक्षात्मक जिम्मेदारियों के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मैदानों पर भी मेडल जीतकर देश का नाम ऊंचा करते रहें