नई व्यवस्था से जुड़ी 5 सबसे बड़ी मुख्य बातें
एक समान नियम लागू: यूपी के सभी बड़े औद्योगिक क्षेत्रों जैसे NOIDA, Greater Noida, YEIDA (यमुना एक्सप्रेसवे), GIDA (गोरखपुर), BIDA (बुंदेलखंड), UPSIDA और UPEIDA में अब नक्शा पास कराने और प्लॉट की मंजूरी के लिए एक जैसे नियम लागू होंगे।
फास्ट ट्रैक और डीम्ड अप्रूवल व्यवस्था: उद्यमियों और आम नागरिकों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। एनओसी (NOC) और नक्शों की स्वीकृति के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया के साथ 'डीम्ड अप्रूवल' की व्यवस्था की जा रही है, जिससे फाइलें तय समय सीमा के अंदर स्वतः मंजूर हो जाएंगी।
5 राज्यों की नियमावली का गहन अध्ययन: औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता 'नन्दी' ने बताया कि इस नियमावली को अंतिम रूप देने से पहले गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र, ओडिशा और तमिलनाडु के भवन नियमों का तुलनात्मक अध्ययन किया गया, ताकि निवेशकों को देश का सबसे बेहतरीन माहौल दिया जा सके।
कीमती जमीन का बेहतर उपयोग: नई नियमावली के तहत औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध मूल्यवान विकास योग्य भूमि का नियोजित और अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। 45 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों पर एफएआर (FAR) के मानकों को भी उदार बनाया गया है।
MSME के लिए 'प्लग एंड प्ले' मॉडल: छोटे और मझोले उद्योगों के लिए वित्तीय जोखिम को कम करने के लिए सरकार भूमि का स्वामित्व अपने पास रखकर पूर्वनिर्मित शेड (Industrial Sheds) किराये पर देगी। इससे उद्यमियों को सीधे उत्पादन शुरू करने में आसानी होगी।
किन सेक्टर्स और निवेशकों को मिलेगा बड़ा लाभ?
इस फैसले से न केवल आम नागरिकों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। मुख्य रूप से नीचे दिए गए सेक्टर्स में भारी तेजी आने की संभावना है:
विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स
सूचना प्रौद्योगिकी
पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी
स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्र
रियल एस्टेटऔर आवासीय इकाइयां
प्रभाव: उत्तर प्रदेश सरकार के इस बड़े कदम को राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के संकल्प की दिशा में एक गेम चेंजर माना जा रहा है। इससे न सिर्फ 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' की रैंकिंग में सुधार होगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के लाखों नए अवसर भी पैदा होंगे।