· पूरी घटना का सिलसिलेवार विवरण इस प्रकार है:
1. टेंडर को लेकर शुरू हुआ मुख्य विवाद
यह पूरा मामला पथरदेवा नगर पंचायत में मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना, जल निकासी और बुनियादी ढांचे से जुड़े करीब 4 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के टेंडर से जुड़ा है। चर्चा है कि ठेकेदार और कुछ लोग नियमों को ताक पर रखकर रात में ही टेंडर खुलवाने और आदेश की कॉपी (वर्क ऑर्डर) लेने का दबाव बना रहे थे, जबकि ईओ (EO) नियमानुसार दिन में काम करने पर अड़े थे।
2. गुरुवार रात क्या हुआ? (चेयरमैन पक्ष का आरोप)
नगर पंचायत अध्यक्ष (चेयरमैन) कमलेश सिंह द्वारा तरकुलवा थाने में दी गई तहरीर के अनुसार:
· पीछा किए जाने का डर: 8 अक्टूबर को ईओ हिमांशु प्रताप सिंह किसी काम से देवरिया गए थे, जहाँ कुछ संदिग्ध लोग उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।
· चौराहे पर बुलावा: डरे हुए ईओ रात करीब 11 बजे पथरदेवा स्थित चेयरमैन के घर पहुंचे। इसी बीच विकास नाम के एक व्यक्ति ने ईओ को बार-बार फोन कर पथरदेवा चौराहे पर बुलाया।
चेयरमैन जब ईओ को लेकर रात 12 बजे पथरदेवा चौराहे पहुंचे, तो वहाँ तीन चारपहिया गाड़ियों के साथ हथियारबंद लोग मौजूद थे। आरोप है कि धीरज सिंह, करुणेश और विकास सहित 10-12 लोगों ने ईओ के साथ गाली-गलौज की, असलहे लहराए और उन्हें मारते-पीटते हुए जबरन गाड़ी में बैठाने (अपहरण) का प्रयास किया। मारपीट के कारण ईओ बेहोश हो गए। सूचना मिलने पर जब तरकुलवा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची, तो हमलावर भागने लगे। पुलिस ने मौके से दो संदिग्धों (निलेश शुक्ला और विवेक दुबे) को हिरासत में ले लिया था (जिन्हें बाद में जांच के तहत छोड़ा गया)।
ठेकेदार पक्ष का पलटवार
मामले में तब नया मोड़ आया जब दूसरे पक्ष यानी ठेकेदार धीरज सिंह ने भी पुलिस को तहरीर दी। ठेकेदार का आरोप है कि ईओ और चेयरमैन पक्ष की तरफ से उनके साथ बदसलूकी की गई।
दोनों पक्षों पर मुकदमा दर्ज
शुक्रवार (9 अक्टूबर) की रात 11 बजे तरकुलवा थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर एफआईआर (क्रॉस-केस) दर्ज की:
अध्यक्ष की तहरीर पर कार्रवाई: ठेकेदार धीरज सिंह, करुणेश, विकास, निलेश शुक्ला और विवेक दुबे समेत 5 नामजद और 12 अज्ञात (कुल 17 लोगों) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
ठेकेदार की तहरीर पर कार्रवाई: ईओ हिमांशु प्रताप सिंह और नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश सिंह समेत कुल 52 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
वर्तमान स्थिति: पुलिस घटना स्थल के साक्ष्यों, टेंडर से जुड़े दस्तावेजों और दोनों पक्षों के बयानों की गहनता से जांच कर रही है ताकि सच सामने आ सके। इस घटना के बाद जिले की अन्य नगर पंचायतों में भी सुरक्षा और टेंडर प्रक्रियाओं को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है।
