13 अक्टूबर 2026, मंगलवार
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उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट, धक्का-मुक्की और जूतम-पैजार, वरिष्ठ नेताओं का हस्तक्षेप और जांच कमेटी

✍ Mamta Singh 📅 13 अक्टूबर 2026 👁 3 बार पढ़ा गया
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट, धक्का-मुक्की और जूतम-पैजार, वरिष्ठ नेताओं का हस्तक्षेप और जांच कमेटी

लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में रविवार (11 अक्टूबर 2026) को पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट, धक्का-मुक्की और जूतम-पैजार की घटना हुई। यह पूरा हंगामा उस समय हुआ जब नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद का आधिकारिक पदभार ग्रहण समारोह होने वाला था।

इस पूरे विवाद और मारपीट की मुख्य वजहें और विवरण इस प्रकार हैं :

विवाद की मुख्य वजह

यह टकराव मुख्य रूप से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के समर्थकों और सेंट्रल ज़ोन महिला कांग्रेस की अध्यक्ष व पार्षद ममता चौधरी के गुट के बीच हुआ।

रास्ता खाली कराने को लेकर बहस

घटना की शुरुआत तब हुई जब अजय राय अपने समर्थकों के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे। उनके समर्थकों ने वहां भीड़भाड़ वाले गलियारे और गेट के पास खड़े लोगों से रास्ता खाली करने को कहा और नारा लगाया कि "अध्यक्ष जी आ रहे हैं"। "कौन अध्यक्ष?" की टिप्पणी: चश्मदीदों और रिपोर्टों के अनुसार, इस बात पर वहां मौजूद महिला नेता ममता चौधरी ने कथित तौर पर पूछ लिया, "कौन अध्यक्ष?" (क्योंकि अजय राय को हटाया जा चुका था और नई अध्यक्ष आराधना मिश्रा बनने वाली थीं)।

हाथापाई और जूते चलना

ममता चौधरी की इस टिप्पणी और कथित तौर पर अजय राय के खिलाफ कुछ नारेबाजी के बाद बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों गुटों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते बात गाली-गलौज, लात-घूंसों और मारपीट तक पहुंच गई। वीडियो में कार्यकर्ताओं को एक-दूसरे पर जूते-चप्पल फेंकते और हाथापाई करते देखा गया। यह हंगामा लगभग 30 मिनट तक चलता रहा।

दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप

ममता चौधरी का आरोप : उन्होंने आरोप लगाया कि अजय राय के समर्थकों ने वहां मौजूद महिला कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी और मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं को थप्पड़ मारे गए और उन पर जूते फेंके गए। उन्होंने इस मामले की शिकायत राहुल गांधी से करने की बात कही है।

अजय राय गुट का रुख : दूसरी तरफ, अजय राय के समर्थक महिला नेता द्वारा वरिष्ठ नेताओं के अपमान और अपशब्दों के इस्तेमाल से नाराज थे। इस घटना से नाराज होकर अजय राय अपने समर्थकों के साथ परिसर में ही धरने पर बैठ गए और उन्होंने ममता चौधरी को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की।

वरिष्ठ नेताओं का हस्तक्षेप और जांच कमेटी

हंगामे के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और नए कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने बीच-बचाव किया। उन्होंने अजय राय को समझा-बुझाकर धरना खत्म करवाया, जिसके बाद आराधना मिश्रा 'मोना' के पदभार ग्रहण की औपचारिकताएं पूरी की गईं। हालांकि, इस विवाद के कारण नई अध्यक्ष की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस करीब एक घंटे की देरी से शुरू हुई और उसमें अजय राय शामिल नहीं हुए।

पार्टी की कार्रवाई :
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस ने इस आंतरिक गुटबाजी और मारपीट की घटना की जांच के लिए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी के नेतृत्व में एक 5 सदस्यीय विशेष जांच समिति का गठन किया है। इस कमेटी में राष्ट्रीय सचिव अब्दुल हनान, अभिषेक दत्त, पूर्व सांसद रवि वर्मा और शमीना शफीक को शामिल किया गया है, जो मामले की रिपोर्ट आलाकमान को सौंपेंगे।

 

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