दो सबसे बड़े ऐतिहासिक बदलाव
कैबिनेट के इस फैसले में दिव्यांग पेंशन को लेकर दो क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं I पहले केवल उन दिव्यांगों को केंद्र सरकार की इस योजना का लाभ मिलता था जिनकी दिव्यांगता 80 प्रतिशत या उससे अधिक थी। अब इसे घटाकर 40 प्रतिशत दिव्यांगता कर दिया गया है। यानी अब 40% दिव्यांगता वाले लोग भी पेंशन के पात्र होंगे।
उम्र की सीमा खत्म—अब जन्म से ही मिलेगी पेंशन: पहले इस पेंशन योजना का लाभ उठाने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना जरूरी था। अब सरकार ने न्यूनतम आयु की बाध्यता को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब किसी भी दिव्यांग बच्चे को जन्म से ही (Since Birth) इस पेंशन का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
पेंशन की नई दरें
सरकार ने न सिर्फ दायरा बढ़ाया है, बल्कि पेंशन की मिलने वाली राशि में भी बढ़ोतरी की हैI 0 से 79 वर्ष के आयु वर्ग के लिए: अब ₹375 प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी (पहले यह ₹300 थी)। 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के लिए: इसे बढ़ाकर ₹625 प्रति माह कर दिया गया है (पहले यह ₹500 थी)।
(नोट: यह केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि है। विभिन्न राज्य सरकारें इसमें अपनी तरफ से अतिरिक्त टॉप-अप राशि जोड़कर देती हैं, जिससे कई राज्यों में कुल पेंशन राशि ₹1,000 से ₹1,500 या उससे अधिक हो जाती है।)
कितने लोगों को होगा फायदा? इस योजना में किए गए बड़े बदलावों के कारण अब लाभार्थियों की संख्या में भारी उछाल आएगा। पात्रता मानदंड 80% से 40% होने के कारण लगभग 27 लाख अतिरिक्त दिव्यांगजनों को इस सामाजिक सुरक्षा कवच का सीधा लाभ मिलेगा। पूरे देश (सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों) में इस पूरी सामाजिक सहायता कार्यक्रम से कुल 3.20 करोड़ लोग लाभांवित होंगे।
यह फैसला क्यों लिया गया और कब से लागू होगा?
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह संशोधन 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPwD Act, 2016) के कानूनी प्रावधानों के अनुरूप किया गया है, जो 40% को ही मानक दिव्यांगता मानता है।