इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट नीचे दी गई है:
विशेष रिपोर्ट: दोनों शिक्षक भर्तियों में शासन का अलग-अलग रुख
68,500 शिक्षक भर्ती: OBC को छूट से इनकार
जनवरी 2018 की इस भर्ती में सामान्य/ओबीसी के लिए 45% और एससी/एसटी के लिए 40% न्यूनतम अर्हता तय थी। ओबीसी अभ्यर्थियों ने एससी/एसटी की तरह 40% अंक पर नियुक्ति की मांग की। हालांकि, इलाहाबाद हाई कोर्ट और शासन का स्पष्ट रुख रहा है कि भर्ती प्रक्रिया संपन्न होने के बाद नियम बदलना कानूनी रूप से सही नहीं है। अदालत ने छूट की मांग खारिज कर बची सीटों पर नई परीक्षा का आदेश दिया है।
69,000 शिक्षक भर्ती: संशोधित मेरिट से नियुक्ति की राह
इस भर्ती में आरक्षण विसंगतियों का आरोप लगा और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर नई संशोधित चयन सूची (Re-drawn Merit List) के आधार पर नियुक्तियां करने की सहमति जताई है। इससे 8,000 से अधिक नए अभ्यर्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
📊 एक नज़र में: दोनों भर्तियों का तुलनात्मक अंतर
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बिंदु |
68,500 शिक्षक भर्ती |
69,000 शिक्षक भर्ती |
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मुख्य विवाद |
OBC को अर्हता अंकों में 5% छूट की मांग। |
आरक्षण नियमों की विसंगतियों का आरोप। |
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शासन का रुख |
प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियम बदलना अवैधानिक मानकर छूट से इंकार। |
नई री-ड्रॉ सूची के आधार पर नियुक्तियां देने के पक्ष में। |
शासन के इस अलग-अलग रुख के चलते दोनों भर्तियों के अभ्यर्थी प्रभावित हैं और न्याय व जल्द नियुक्ति की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।