लखनऊ के कैसरबाग बस स्टेशन और जानकीपुरम बस स्टेशन से जुड़ी पूरी खबर इस प्रकार है:
जानकीपुरम बनेगा लखनऊ का 5वां बड़ा बस स्टेशन
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम लखनऊ के जानकीपुरम (सीतापुर रोड) विस्तार में राजधानी का पांचवां बड़ा आधुनिक बस स्टेशन बनाने जा रहा है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और परिवहन निगम के बीच लंबे समय से फंसा जमीन का पेंच सुलझने के बाद, जानकीपुरम की पौने पांच एकड़ जमीन का सौदा 102 करोड़ रुपये में तय हुआ है। इस स्टेशन को 'सुपर ए' कैटेगरी के तहत विकसित किया जाएगा।
कैसरबाग बस अड्डे का कायाकल्प और शिफ्टिंग योजना
कैसरबाग बस अड्डे से वर्तमान में रोजाना लगभग 1300 बसों का संचालन होता है और करीब 32 हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। शहर के बीचों-बीच होने के कारण इस इलाके में भारी ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार दो महत्वपूर्ण कदम उठा रही है I कैसरबाग बस स्टेशन को उन 49 अड्डों की सूची में शामिल किया गया है जिन्हें पूरी तरह आधुनिक और हवाई अहसास जैसी सुविधाओं से लैस किया जाना है।
जानकीपुरम में शिफ्टिंग का प्रस्ताव: सिटी डेवलपमेंट प्लान के तहत पुराने लखनऊ को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए कैसरबाग बस अड्डे की बसों के लोड को जानकीपुरम में आवंटित नई भूमि पर स्थानांतरित (शिफ्ट) करने पर सहमति बनी है। कैसरबाग की खाली होने वाली भूमि का पुनर्विकास करके वहां कॉम्प्लेक्स और अन्य नागरिक सुविधाएं तैयार की जाएंगी।
योजना की मुख्य बातें और टेंडर प्रक्रिया
प्रदेश के सभी 49 बस स्टेशनों के कायाकल्प और निर्माण पर लगभग 4,300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इन आधुनिक टर्मिनलों के निर्माण कार्य को पूरा होने में लगभग 2 साल का समय लग सकता है।
✈️ बस अड्डों पर क्या मिलेंगी 'हवाई सुविधाएं'?
एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित होने वाले इन टर्मिनलों पर यात्रियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं होंगी, जिनमें शामिल हैं:
· वातानुकूलित (AC) लाउंज और प्रतीक्षालय।
· आधुनिक फूड कोर्ट, कैफे और रेस्टोरेंट।
· यात्रियों के ठहरने के लिए होटल/डॉरमेट्री की व्यवस्था।
· साफ-सुथरे और हाइजीनिक वॉशरूम।
· बसों के आने-जाने की जानकारी देने वाली डिजिटल स्क्रीन और अनाउंसमेंट सिस्टम।
· व्यवस्थित और बड़ी पार्किंग सुविधाएं, जिससे बसें सड़क पर खड़ी न हों।
उत्तर प्रदेश में पहले चरण के तहत 23 बस अड्डों (जैसे चारबाग, अमौसी और विभूतिखंड) को पहले से ही इस तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। अब दूसरे चरण में कैसरबाग और जानकीपुरम के जुड़ने से लखनऊ और आसपास के जिलों के यात्रियों का सफर पूरी तरह बदलने वाला है।
