नसीर अहमद से क्यों हुई पूछताछ?
विधायक नसीर अहमद खान जौहर ट्रस्ट के संयुक्त सचिव (Joint Secretary) रहे हैं। ED को संदेह है कि ट्रस्ट के बड़े फैसलों, करोड़ों रुपये की दान राशि जुटाने और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं, जिसमें नसीर अहमद की भूमिका हो सकती है। इसी भूमिका को आधार बनाकर ED ने उन्हें समन भेजकर लखनऊ दफ्तर तलब किया था।
पूछताछ में ED ने क्या सवाल पूछे?
7 घंटे चली इस पूछताछ के दौरान ED के अधिकारियों ने विधायक नसीर अहमद से मुख्य रूप से इन पहलुओं पर जवाब मांगे: जौहर ट्रस्ट को जो दान (Donations) मिले थे, वे कहां से आए और उनका असली सोर्स क्या था? जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्यों पर खर्च हुई भारी-भरकम रकम का पूरा ब्योरा क्या है? ट्रस्ट में उनकी नियुक्ति किस तरह हुई थी और एक संयुक्त सचिव के तौर पर उनके पास क्या-क्या अधिकार और जिम्मेदारियां थीं?
विधायक नसीर अहमद का क्या जवाब था?
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सपा विधायक नसीर अहमद खान ने ट्रस्ट के विवादित या संदिग्ध कामकाज में अपनी किसी भी तरह की सक्रिय भूमिका होने से साफ इनकार किया। ED के अधिकारियों ने विधायक नसीर अहमद से ट्रस्ट में उनकी नियुक्ति, वित्तीय लेनदेन और उनके कार्यकाल से जुड़े अन्य संबंधित दस्तावेज पेश करने को कहा है। जांच एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि यदि दस्तावेजों की जांच में कुछ और विसंगतियां पाई जाती हैं, तो उन्हें दोबारा भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। इस मामले में ED की कार्रवाई काफी तेज हो चुकी है। नसीर अहमद से पहले, ED ने जौहर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर (कुलपति) प्रोफेसर जहरूद्दीन से भी करीब 8 घंटे तक पूछताछ की थी।
