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"भारत के लिए असली खतरा कम्युनिज्म (साम्यवाद) से नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता से है।" --- पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी

✍ Mamta Singh 📅 20 सितंबर 2026 👁 54 बार पढ़ा गया
"भारत के लिए असली खतरा कम्युनिज्म (साम्यवाद) से नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता से है।"  ---  पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी

नई दिल्ली : भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने एक बार फिर अपने बयान से सियासी हलचल बढ़ा दी है। शनिवार को इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित तीसरे एजी नूरानी स्मृति व्याख्यान में बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश को असली खतरा साम्यवाद से नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता से है।

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी दिल्ली के इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में तीसरे एजी नूरानी स्मृति व्याख्यान से जुड़ा बयान है। उन्होंने कहा कि देश के लिए असली खतरा साम्यवाद नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है।उन्होंने ये बात जवाहरलाल नेहरू की एक पुरानी टिप्पणी का हवाला देते हुए कही, जो एजी नूरानी की 2019 की किताब 'The RSS : A Menace to India' की प्रस्तावना में दर्ज है। प्रस्तावना में पूर्व विदेश सचिव जगत सिंह मेहता द्वारा नेहरू और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक बैठक का जिक्र है।अपने भाषण में उन्होंने नागरिक राष्ट्रवाद (civic nationalism) vs सांस्कृतिक राष्ट्रवाद (cultural nationalism) पर भी बात की और कहा कि हाल के वर्षों में चुनावी बहुमत को धार्मिक बहुमत के तौर पर पेश करने और धर्म के आधार पर नागरिकों में फर्क करने की प्रवृत्ति बढ़ी है। राजनीतिक प्रतिक्रिया:इस बयान के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।भाजपा ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि इससे कांग्रेस का हिंदू विरोधी चेहरा उजागर होता है और ये बयान हिंदुओं को निशाना बनाने वाला है। फिलहाल ये मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है

नागरिक राष्ट्रवाद पर चिंता -

अंसारी ने अपने भाषण में नूरानी के लेखन के जरिए भारत में राष्ट्रवाद, पहचान और राजनीति से जुड़े मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में ऐसे रुझान सामने आए हैं जो नागरिक राष्ट्रवाद के स्थापित विचार को चुनौती देते हैं और उसकी जगह सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को आगे बढ़ाते हैं। उनके अनुसार, ऐसी सोच चुनावी बहुमत को धार्मिक बहुमत के रूप में पेश करती है और नागरिकों को उनके धर्म के आधार पर अलग करती है। उन्होंने असहिष्णुता और असुरक्षा बढ़ने की आशंका जताते हुए कहा कि इन प्रवृत्तियों का कानूनी और राजनीतिक स्तर पर विरोध किया जाना चाहिए।

भाजपा का पलटवार -

अंसारी के इस बयान पर भाजपा ने सख्त प्रतिक्रिया व्यक्त की है।  भाजपा ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि इससे कांग्रेस का हिंदू विरोधी चेहरा उजागर होता है और ये बयान हिंदुओं को निशाना बनाने वाला है।  फिलहाल इस बयान के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।

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